उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव लड़ने वाले करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या 25 फीसदी तक बढ़ गई है। 2009 के लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड की पांच सीटों पर उम्मीदवारी करने वाले 12 प्रत्याशी करोड़पति थे। महज एक दशक बाद यानी 2019 में ये आंकड़ा 21 तक पहुंच गया।
सांसदी के कुल उम्मीदवारों में से करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या 10 साल में 16 प्रतिशत से बढ़कर 41 प्रतिशत तक पहुंच गई। इधर, लोकसभा चुनाव का फिर से बिगुल बज चुका है। देखना दिलचस्प होगा कि इस बार कितने करोड़पति उम्मीदवार गरीबी और बेरोजगारी की दुहाई देते हुए जनता से वोट मांगेंगे।
उत्तराखंड में 2009 में गढ़वाल, टिहरी, अल्मोड़ा, हरिद्वार और नैनीताल संसदीय सीट पर चुनाव हुए थे। उस समय इन पांचों सीटों पर 76 उम्मीदवार चुनाव लड़े थे। जिनमें से 12 उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति एक करोड़ रुपये से अधिक घोषित की थी।
इसके पांच साल बाद 2014 में हुए लोस चुनाव में पांचों सीटों पर 74 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे। जिनमें से 24 ऐसे थे जिन्होंने खुद को करोड़पति घोषित किया था। पूरे देश की सूची में सर्वाधिक करोड़पति वाले राज्यों की सूची में उस समय उत्तराखंड 13वें स्थान पर था। वहीं, 2019 में 51 उम्मीदवारों ने दावेदारी पेश की थी।
इनमें से 21 प्रत्याशी करोड़पति थे। देशभर में उस समय उत्तराखंड का स्थान सर्वाधिक करोड़पति उम्मीदवारों वाले राज्यों में 11वां था। ऐसा नहीं है कि करोड़पति प्रत्याशी केवल राष्ट्रीय दलों के ही थे, इनमें क्षेत्रीय दलों के अलावा निर्दलीय भी शामिल रहे। 2024 चुनाव में ये आंकड़ा और ऊपर रहने की पूरी संभावना जताई जा रही है।