गणेश जोशी बोले- बलिदानियों की यादों को संजोना सबकी जिम्मेदारी

उत्तराखंड(देहरादून),शुक्रवार 26 जुलाई 2024

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने गुरुवार को देहरादून में अमर शहीद हवलदार सुबाब सिंह सजवाण की स्मृति में निर्मित शहीद द्वार का अनावरण किया। सैनिक कल्याण मंत्री ने अमर शहीद सुबाब के चित्र पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शहीद की वीरांगना मुन्नी देवी को सम्मानित किया।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया था। भारत की सेना ने अपने शौर्य और पराक्रम से हमेशा देश का गौरव बढ़ाया है, जिसपर हम सभी को गर्व है। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि युद्ध के दौरान शहीद हुए जवानों के पार्थिव शरीर को सैन्य परंपराओं के साथ उनके पैतृक घर भेजने का कार्य किया गया था। सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार ने सैनिकों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सैनिक का कोई धर्म, कोई जाति नहीं होती। सैनिकों का सम्मान करना, उनकी वीरता का बखान करना, उनकी यादों को संजोए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है और भारतीय जनता पार्टी की केंद्र और राज्य सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है।

अक्टूबर में बनकर तैयार होगा शहीदों के सम्मान में भव्य सैन्य धाम

सैनिक कल्याण मंत्री जोशी ने कहा कि प्रदेश भर में शहीद द्वार का निर्माण, शहीदों के नाम पर विद्यालयों और सड़क का नाम रखने का कार्य भी किया जा रहा है। राज्य सरकार बलिदानियों के आश्रितों को सरकारी नौकरी दे रही है। अब तक 26 शहीदों के आश्रितों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि शहीदों के सम्मान में देहरादून के गुनियाल गांव में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, जो अक्टूबर माह में प्रदेश की जनता को समर्पित किया जाएगा। सैनिक कल्याण मंत्री ने बताया कि पहले शहीद द्वार का निर्माण संस्कृति विभाग की ओर से किया जाता था, लेकिन अब सैनिक कल्याण विभाग की ओर से शहीद द्वार का निर्माण किया जा रहा है।

इस दौरान निर्वतमान मेयर सुनील उनियाल गामा, निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर अमृत लाल, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल वीरेंद्र भट्ट, संगठन महासचिव देवेंद्र डोभाल, उपाध्यक्ष मेजर महावीर सिंह रावत, कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी, मंडल अध्यक्ष प्रदीप रावत, मोहन बहुगुणा, भूपेंद्र कठेत, रमेश प्रधान, बीएम थापा, सेना से लेफ्टिनेंट कर्नल ग्रीटा जोशी आदि उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि कारगिल शहीद हवलदार सुबाव सिंह सजवाण 10वीं गढ़वाल राइफल में तैनात थे। वे उत्तराखंड के चंबा टिहरी गढ़वाल के मूल निवासी थे। 13 मई 1999 को द्रास सेक्टर में कारगिल युद्ध के ऑपरेशन विजय में शहीद हुए थे। ऑपरेशन विजय के दौरान देश के 527 जवान शहीद हुए थे। इसमें उत्तराखंड के 75 जवान थे। इनमें से उनकी बहादुरी को देखते हए 37 जवानों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!