नालंदा की गौरवशाली ज्ञान परंपरा को पुनर्जीवित कर रहा है लेखक गांव : मदन दिलावर

उत्तराखंड(देहरादून),बुधवार 03 जून 2026

राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर का भारत के पहले लेखक गांव में आगमन हुआ। इस अवसर पर उन्होंने यहां संचालित विभिन्न साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन करते हुए लेखक गांव की अवधारणा और उसके बहुआयामी कार्यों की सराहना की। उन्होंने परिसर में स्थापित भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस दौरान श्री दिलावर ने लेखक गांव स्थित नालंदा पुस्तकालय, शोध एवं अनुसंधान केंद्र, अटल प्रेक्षागृह सहित परिसर में स्थित संजीवनी वाटिका, जैन वाटिका, नवग्रह एवं नक्षत्र वाटिकाओं का निरीक्षण किया तथा वहां उपलब्ध ज्ञान-संसाधनों एवं शोध गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने पुस्तकालय की अवधारणा एवं उसके उद्देश्य की सराहना करते हुए कहा कि “नालंदा पुस्तकालय प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय की महान ज्ञान परंपरा को पुनर्जीवित करने का एक उत्कृष्ट प्रयास है। लेखक गांव वास्तव में एक अद्भुत और प्रेरणादायी स्थान है, जो साहित्य, संस्कृति और ज्ञान के संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं लेखक गांव के संस्थापक डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने लेखक गांव की स्थापना, उद्देश्यों तथा भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लेखक गांव साहित्यकारों, शोधार्थियों, कलाकारों एवं चिंतकों के लिए एक सृजनात्मक केंद्र के रूप में विकसित हुआ है।

कार्यक्रम में लेखक गांव की निदेशक विदुषी निशंक, सनराइज अकादमी की प्रबंध निदेशक श्रीमती पूजा पोखरियाल, लेखक गांव के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ओ. पी. बड़ोनी, श्री बालकृष्ण चमोली एवं डॉ. बेचैन कंडियाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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