राज्यपाल ने किए भगवान बदरीविशाल के दर्शन, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

उत्तराखंड(चमोली),शनिवार 09 मई 2026

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने शनिवार को बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरी विशाल के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। उन्होंने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस दौरान राज्यपाल ने मास्टर प्लान और विकास कार्यों का निरीक्षण किया।

धाम पहुंचने पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने राज्यपाल का स्वागत किया। इसके बाद राज्यपाल ने मंदिर के रावल अमरनाथ नंबूदरी से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने मंदिर परिसर में मौजूद तीर्थयात्रियों से संवाद कर यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर फीडबैक भी लिया।

राज्यपाल ने मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी से धाम में संचालित मास्टर प्लान कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने रिवर फ्रंट और मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए विभिन्न स्टेकहोल्डर्स से मुलाकात कर उनके सुझाव भी सुने। उन्होंने अधिकारियों को यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक सुगम एवं व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए तथा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

राज्यपाल ने चारधाम यात्रा के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, मंदिर समिति और संबंधित एजेंसियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों का अनुशासन भी अनुकरणीय है और श्रद्धालुओं को भक्ति भाव के साथ यात्रा व्यवस्थाओं में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को यात्रा की स्मृति के रूप में खरीदने की अपील करते हुए कहा कि इससे स्थानीय लोगों की आजीविका और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

राज्यपाल को भेंट की गई पुस्तक

मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिषेक त्रिपाठी ने राज्यपाल को अपनी स्वलिखित पुस्तक ‘उत्तराखण्ड में जड़ी-बूटी की वैज्ञानिक खेती’ भेंट की।

राज्यपाल ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि यह किसानों, युवाओं और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में जड़ी-बूटी खेती की अपार संभावनाएं हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

यह पुस्तक उत्तराखंड में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की वैज्ञानिक खेती, संरक्षण और स्वरोजगार की संभावनाओं पर आधारित है। पुस्तक में जड़ी-बूटी उत्पादन के आधुनिक तरीकों और किसानों के लिए रोजगार के अवसरों पर विशेष प्रकाश डाला गया है।

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