सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का वास्तविक समाधान हो, औपचारिक निस्तारण नहीं : मुख्यमंत्री धामी

उत्तराखंड(देहरादून),सोमवार 14 सितंबर 2026

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जन शिकायतों का त्वरित, समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों को केवल पोर्टल पर औपचारिक रूप से बंद करने के बजाय शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन जिलों में किसी विशेष प्रकृति की शिकायतें अधिक प्राप्त हो रही हैं, वहां जिलाधिकारी संबंधित विभागों के साथ विभागवार समीक्षा कर उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें। एक ही तरह की शिकायतें बार-बार आने के कारणों का विश्लेषण कर उनके स्थायी समाधान के लिए भी प्रभावी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को तहसीलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान दाखिल-खारिज के मामलों के समयबद्ध निस्तारण की स्थिति की समीक्षा करने के साथ भूमि धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतों का प्राथमिकता से समाधान सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों में लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

मुख्यमंत्री ने स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को शीर्ष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल संबंधी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने तथा पाइपलाइन और सीवर लाइनों का 15 दिन के भीतर ऑडिट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। पेयजल आपूर्ति में व्यवधान और लीकेज जैसी समस्याओं का भी समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने 30 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों पर विशेष ध्यान देने को कहा। सचिव, विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारी अपने स्तर पर लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा करें तथा निर्धारित अवधि में शिकायतों का निस्तारण नहीं करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

बैठक में 180 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों की विभागवार स्थिति भी प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने ऐसे पुराने प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए उनके लंबित रहने के कारणों की समीक्षा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शिकायतों को अनावश्यक रूप से ‘स्पेशल क्लोज’ या ‘फोर्स क्लोज’ नहीं करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि शिकायत बंद करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित कार्रवाई की गई है। शिकायतकर्ता के फीडबैक के आधार पर निस्तारण की गुणवत्ता का आकलन भी किया जाए।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ शिकायतकर्ताओं से फोन पर सीधे बातचीत कर निस्तारण की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अनुचित रूप से बंद की गई शिकायत के संबंध में संजय कुमार रावत से बात की। रावत ने बताया कि उनके दिवंगत पिता के उपचार से संबंधित चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों का भुगतान नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को प्रकरण में तत्काल कार्रवाई कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पौड़ी गढ़वाल निवासी बेबी कोटनाला ने मुख्यमंत्री को परित्यक्ता पेंशन से जुड़ी समस्या बताई। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल को प्रकरण का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

हरिद्वार निवासी गीता ने बताया कि उनके घर के पास करीब तीन माह पहले पानी की टंकी बन चुकी है, लेकिन अभी तक उससे पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार को मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करने और तत्काल पेयजल आपूर्ति शुरू कराने के निर्देश दिए।

देहरादून निवासी शिल्पी सक्सेना ने बताया कि स्ट्रीट लाइट से संबंधित उनकी शिकायत का समयबद्ध समाधान हो चुका है। वहीं अल्मोड़ा निवासी आयुष बिष्ट ने छात्रवृत्ति संबंधी शिकायत के समाधान की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति मिलने में हुई देरी के कारणों की जांच करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाए, जबकि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या अनावश्यक विलंब करने वालों की जवाबदेही तय हो। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन का उद्देश्य शासन और जनता के बीच प्रभावी संवाद स्थापित कर समस्याओं का वास्तविक और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ कपिल लाल सहित सचिव, विभागाध्यक्ष और सभी जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

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