परेड ग्राउंड में लगा 181 फुट ऊंचा रावण – uttarakhandkihunkar.in

परेड ग्राउंड में लगा 181 फुट ऊंचा रावण

उत्तराखंड(देहरादून),सोमवार 19 अक्टूबर 2026

असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक विजयदशमी पर्व को लेकर देहरादून में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंगलवार, 20 अक्टूबर को शहर में विभिन्न स्थानों पर दशहरा मेले आयोजित किए जाएंगे। परेड ग्राउंड में बन्नू बिरादरी दशहरा कमेटी की ओर से 181 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।

लक्ष्मण चौक वेलफेयर सोसाइटी की ओर से हिंदू नेशनल इंटर कॉलेज मैदान में 60 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा। दोनों आयोजनों में आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

विजयदशमी के अवसर पर राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि विजयदशमी सत्य, धर्म और सदाचार की विजय का प्रतीक है। यह पर्व बुराइयों का त्याग कर जीवन में सकारात्मकता और नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के साथ पर्व मनाने तथा सामाजिक एकता और समरसता को मजबूत बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विजयदशमी अधर्म पर धर्म, बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। यह पर्व अपने भीतर की बुराइयों को त्यागकर सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि अहंकार से मुक्त होकर सच्चाई के रास्ते पर चलना और प्रदेश व देश की सामाजिक समरसता के लिए मिल-जुलकर काम करना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम की शिक्षाओं को आत्मसात करने की अपील करते हुए सभी के सुख, कल्याण और समृद्धि की कामना की।

बन्नू बिरादरी दशहरा कमेटी के प्रधान संतोख सिंह नागपाल के अनुसार, मंगलवार को दशहरा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। दोपहर एक बजे श्री गोपीनाथ मंदिर से शोभायात्रा निकलेगी, जो कालिका माता भवन होते हुए मोती बाजार, राजपुर रोड और ऐश्लेहॉल के रास्ते परेड ग्राउंड पहुंचेगी। शाम 4:30 बजे शोभायात्रा के मैदान में पहुंचने का कार्यक्रम है। इसके बाद शाम 5:30 बजे लंका दहन और 6:05 बजे रावण दहन होगा। शाम 6:30 से 7:30 बजे तक आतिशबाजी की जाएगी। रावण दहन के बाद शोभायात्रा दर्शनलाल चौक, घंटाघर और पलटन बाजार होते हुए कालिका मार्ग पर समाप्त होगी।

कमेटी के अनुसार, बुधवार, 21 अक्टूबर को भरत मिलाप का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत श्री गोपीनाथ मंदिर से शोभायात्रा निकलेगी। परेड ग्राउंड में स्वरूपों की पूजा के बाद शोभायात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कालिका मार्ग पहुंचेगी।

हिंदू नेशनल इंटर कॉलेज में 60 फुट का रावण

लक्ष्मण चौक वेलफेयर सोसाइटी की ओर से हिंदू नेशनल इंटर कॉलेज मैदान में दशहरा मेले का आयोजन किया जाएगा। सोसाइटी के मीडिया प्रभारी सिद्धार्थ बंसल और महामंत्री प्रदीप दुग्गल ने बताया कि इस बार 60 फुट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया है। रावण के साथ मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का भी दहन किया जाएगा। कार्यक्रम में लंका दहन, आकर्षक आतिशबाजी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।

राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने महानवमी और विजयदशमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कारों, संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाना सभी का दायित्व है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उनसे जुड़ी रहें। उन्होंने नवरात्र को नारी गरिमा, सम्मान और शक्ति की आराधना का पर्व बताते हुए कहा कि महिलाओं का सम्मान करने वाला समाज ही समर्थ और सशक्त बनता है।

शहर में दुर्गा पूजा पंडालों में भी उत्सवराजधानी देहरादून में बिंदाल स्थित दुर्गाबाड़ी, करनपुर स्थित बंगाली लाइब्रेरी, आराघर की मॉडल कॉलोनी और रायपुर क्षेत्र में दुर्गा पूजा महोत्सव के तहत सोमवार को विभिन्न पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की चहल-पहल रही। बंगाली समुदाय के साथ ही अन्य लोग भी मां दुर्गा की आराधना के लिए पंडालों में पहुंचे। इस दौरान पूजा-अर्चना, पुष्पांजलि, भोग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उत्सव मनाया गया।

झाझरा स्थित जलवायु टावर्स में दुर्गा पूजा समिति एवं कल्चरल एसोसिएशन की ओर से सोमवार को महाअष्टमी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस दौरान संधि पूजा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। 108 दीप प्रज्वलित कर और 108 कमल पुष्प अर्पित कर मां चामुंडा की पूजा की गई। ढाक की थाप और शंखध्वनि के बीच श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद भोग और भंडारे का आयोजन हुआ। शाम को आरती के बाद पारंपरिक धुनुची नृत्य किया गया।

समिति के अनुसार, मंगलवार को महानवमी पर पूजा-अर्चना, भोग और भंडारे के साथ डांडिया एवं गरबा नाइट आयोजित की जाएगी। बुधवार को विजयदशमी पर दर्पण विसर्जन, सिंदूर खेला और शोभायात्रा के बाद शांति जल एवं विजया सम्मेलन के साथ दुर्गा पूजा उत्सव का समापन होगा।

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