उत्तराखंड में आज इन जिलों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी

उत्तराखंड(देहरादून),शुक्रवार 12 जून 2026

देहरादून मौसम विभाग ने आज फिर प्रदेश के सात जिलों में बारिश-तूफान का पूर्वानुमान जताया है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने का अंदेशा जताया है। मौसम विभाग ने येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी कर लोगों को सचेत रहने की अपील की।

गौर हो कि इन दिनों उत्तराखंड की आबोहवा बदली नजर आ रही है। प्रदेश के कई जिलों में रुक रुक कर बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग के मुताबिक आज देहरादून समेत टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में गरज व चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं 4200 मीटर व उससे अधिक ऊं चाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने का अंदेशा जताया है। इन सभी जिलों में झोंकेदार हवाएं 50-60 किमी प्रति घंटा तक चलने की संभावना है, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर जनपदों में कहीं-कहीं भारी हो सकती है। राज्य के शेष जनपदों में कहीं-कहीं गरज और चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है, झोंकेदार हवाएं 40- 50 किमी प्रति घंटा तक चलने का अदंशा जताया है। साथ ही येलो अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

रुद्रप्रयाग में बारिश का कहर

जनपद रुद्रप्रयाग के कोतवाली क्षेत्रान्तर्गत चौकी जखोली के खलियाण बांगर एवं पुजार गांव में बुधवार शाम हुई अतिवृष्टि से कई स्थानों पर नुकसान हुआ घटना के बाद पुलिस एवं प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही चौकी जखोली पुलिस टीम प्रभावित क्षेत्र में पहुंची पुजार गांव के दोनों ओर स्थित बलिहारी और रौण्ड गदेरों में तेज बहाव के साथ आए मलबे और बोल्डरों से रामचंद्र भट्ट एवं प्रकाश भट्ट के आवासीय आंगनों में मलबा भर गया। वहीं बुरांश गदेरे में उफान आने से खिलानंद भट्ट, राकेश भट्ट और सतीश भट्ट के कृषि भूमि का कुछ हिस्सा कटकर बह गया।

इसके अलावा भानु प्रसाद भट्ट की गौशाला के पीछे भी बड़े-बड़े बोल्डर जमा हो गए। खलियाण गांव में रामचंद्र भट्ट की पुस्तक भंडार एवं प्रोविजन स्टोर के पीछे भी भारी मात्रा में मलबा और पत्थर जमा होने से नुकसान पहुंचा अतिवृष्टि के कारण बुरांश गदेरे पर बनी दो पुलियाएं क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं जखोली-बधानीताल मोटर मार्ग तथा पुजारगांव-कुरछौला मार्ग पर भारी बोल्डर और मलबा आने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। हालांकि राहत की बात यह है कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी प्रकार की जनहानि व पशुहानि नहीं हुई।

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