उत्तराखंड(देहरादून),शनिवार 18 जुलाई 2026
ग्राम पंचायत पातल के प्रधान सुभाष सुयाल के नेतृत्व में अनेक ग्राम प्रधानों वह समाजसेवियों का प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी पौड़ी से मिलाl प्रतिनिधि मंडल ने भारी प्रदेशों से आ रहे के मजदूरी दर तय करने को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सोपा । प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि प्रदेश के पहाड़ी ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों की तादाद में बाहरी मजदूर आए हुए हैं वह वह अपनी मजदूरी मनमाने ढंग से मांग रहे हैं । जिस कारण आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है वह ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
उनका कहना था की नेपाल बिहार पश्चिम बंगाल एवं अनेक राज्यों से आने वाले श्रमिक एवं मिस्त्री हमारे क्षेत्र में निर्माण कार्य करते हैं लेकिन यह अपनी मजदूरी मनमाने ढंग से लगातार बढ़ते जा रहे हैं । उनका कहना है की पूर्व की भांति मनरेगा के अंतर्गत अकुशल श्रमिकों की निर्धारित मजदूरी दर 252 प्रतिदिन है जबकि भारी श्रम एक 600 से 800 तक की मजदूरी मांग रहे हैं साथ ही मनरेगा के अंतर्गत मिस्त्री की निर्धारित मजदूरी 396 प्रतिदिन है जबकि बाहरी मिस्त्री प्रतिदिन ₹1000 से अधिक वसूल रहे हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों में अनेक अपराधिक घटनाओं के चलते प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी महोदय से मांग की की भारी राज्यों से आने वाले श्रमिकों में मिस्रियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से करवाया जाए एवं तत्पश्चात उनको पहचान पत्र जारी किए जाएं ताकि भविष्य में होने वाली किसी अप्रिय घटना की स्थिति में उनकी पहचान एवं आवश्यक कार्यवाही आसानी से की जा सके।
उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय एवं स्थानीय आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भारी श्रमिकों एवं स्त्रियों की मजदूरी का उचित मानक निर्धारित किया जाना अनिवार्य है।
जिलाधिकारी महोदय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और अस्वस्थ किया कि इस मामले को आवश्यक कार्यवाही हेतु संबंधित विभाग को प्रेषित किया जाएगा एवं इस पर अति शीघ्र निर्णय लिया जाएगा।
प्रतिनिधि मंडल में ग्राम पंचायत प्रधान सुभाष चंद्र सोयल ग्राम पंचायत बादल, अरुण जोशी ग्राम प्रधान गडरिया, शकुंतला देवी ग्राम प्रधान क्यार्द, प्रहलाद सिंह ग्राम प्रधान गीठाली, रोशन लाल ग्राम प्रधान चोरकंडी, यशवंत सिंह, राजेंद्र सिंह, धनेश चमोली आदि सम्मिलित थे ।