उत्तराखंड(देहरादून),बुधवार 29 जुलाई 2026
श्री गुरु राम राय लक्ष्मण संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय, पथरी बाग, देहरादून एवं श्री शिवनाथ संस्कृत महाविद्यालय, डालनवाला, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में टपकेश्वर महादेव मंदिर, देहरादून के पावन परिसर में उपनयन (यज्ञोपवीत) संस्कार का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ यज्ञ के मुख्य आचार्य डॉ शैलेंद्र प्रसाद डंगवाल ने भगवान शिव के पूजन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रारम्भ किया तत्पश्चात सभी आचार्यों ने यज्ञ-हवन संपन्न कराते हुए बटुकों को यज्ञोपवीत धारण कराया तथा गायत्री महामंत्र की दीक्षा प्रदान की। उन्होंने ब्रह्मचर्य आश्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उपनयन संस्कार भारतीय संस्कृति के षोडश संस्कारों में अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो बालकों में अनुशासन, सदाचार, आत्मसंयम, स्वाध्याय एवं राष्ट्रसेवा की भावना का विकास करता है।
विद्वानों ने अपने संबोधन में कहा कि संस्कार ही भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं। उपनयन संस्कार के माध्यम से विद्यार्थियों को वेदाध्ययन, गुरु-सेवा, सत्यनिष्ठा तथा आदर्श जीवन का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति एवं वैदिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर श्री गुरु राम राय लक्ष्मण संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ शैलेंद्र प्रसाद डंगवाल श्री शिवनाथ संस्कृत महाविद्यालय के वरिष्ठ आचार्य डॉ मुकेश खंडूरी श्री गुरु राम राय लक्ष्मण संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय के प्रधानाचार्य आचार्य मनोज शर्मा विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष वरिष्ठ समाज सेवी प्रसिद्ध कथा वाचक श्री सुभाष जोशी आदि शिक्षकगण, अभिभावक तथा अनेक श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सभी बटुकों के मंगलमय एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना, आशीर्वचन एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ।