कुप्रथाओं को मिटाकर समरसता स्थापित करने का संवैधानिक उपाय है यूसीसी : मुख्यमंत्री

उत्तराखंड(उधमसिंह नगर),सोमवार 13 अक्टूबर 2025

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं, बल्कि समाज की कुप्रथाओं को मिटाकर सभी नागरिकों के बीच समानता से समरसता स्थापित करने का एक संवैधानिक उपाय है। सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध होकर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री धामी रविवार को पंतनगर में नकल विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता एवं किसानों की प्रगति विषय पर आधारित ‘गोष्ठी एवं संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता को लागू कर सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून और अधिकार स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। इसे लागू होने से न केवल राज्य से सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हुए हैं,बल्कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को भी बल मिला है। उन्होंने कहा कि यह अनुभव किया गया कि समाज में कुछ समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण भेदभाव, असमानता और अन्याय की स्थिति बनी हुई है। समान नागरिक संहिता का उद्देश्य इन्हीं भेदभावों को समाप्त कर राज्य के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं यह भी स्पष्ट करना चाहता हूं कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं। ये देश का दुर्भाग्य रहा कि स्वतंत्रता के पश्चात कई दशकों तक देश में एक ऐसी पार्टी का शासन रहा, जिसने अपने वोट बैंक के चक्कर में यूसीसी को लागू नहीं होने दिया। जबकि विश्व के प्रमुख मुस्लिम देशों सहित दुनिया के सभी सभ्य देशों में पहले से ही समान नागरिक संहिता लागू है। उन्होंने कहा कि भारत में सर्वप्रथम यूसीसी लागू करने का मार्ग सरल नहीं होगा परंतु जब नीयत साफ हो और जनभावना साथ हो,तो कोई भी बदलाव असंभव नहीं रहता।

कार्यक्रम में कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने यूसीसी व नकल विरोधी कानून लागू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय शोध व प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में इंटिग्रेटेड फार्मिंग पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 2 लाख 61 हजार हो गई है जो 26% ग्रोथ रेट पर है। उन्होंने बताया कि मेले में 507 स्टॉल लगाए गए हैं व अभी तक लगभग 20 हजार किसानों की ओर से प्रतिभाग किया गया है।

कार्यक्रम में नकल विरोधी कानून और समान नागरिक संहिता पर जीबी पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की छात्रा पूजा जोशी, किसान मेले की प्रगति पर नीति शर्मा और नकल विरोध कानून पर छात्र निध अवस्थी अपने विचार साझा किए। इसके अलावा स्मृद्धि किसान उत्पादक संगठन की सीमा रानी ने अपने सफल खेती के अनुभव साझा किए।

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