राज्यपाल ने दी ‘वन यूनिवर्सिटी, वन रिसर्च’ को बढ़ावा देने की दिशा-निर्देश

उत्तराखंड(देहरादून),शुक्रवार 28 मार्च 2025

उत्तराखंड के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति एवं राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने गुरुवार को राजभवन में राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने “वन यूनिवर्सिटी, वन रिसर्च” पहल समेत अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को शोध व अन्य अध्ययनों को पेटेंट कराए जाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए कि लगातार शोध कार्यों पर फोकस किया जाए।

उन्होंने कहा कि एक शोध पूर्ण होने से पहले, अगले शोध कार्य के लिए तैयारियां कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुसंधानात्मक शिक्षा पद्धति किसी राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके लिए अधिक से अधिक शोध कार्य कराए जाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में शोध कार्यों के लिए बजट बढ़ाए जाने की भी आवश्यकता है। उन्होंने विश्वविद्यालयों को उपलब्धियों और शोध कार्यों की जानकारी सभी के साथ साझा करने को कहा। कहा कि इन अनुसंधानों से अधिक से अधिक लाभ उठाया जा सकेगा, जो जन कल्याण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्यपाल ने प्रदेश में “चांसलर ट्रॉफी” के रूप में प्रत्येक वर्ष एक अंतर्विश्वविद्यालयी खेल प्रतियोगिता का आयोजन शुरू किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे प्रतियोगी प्रतिस्पर्धाओं के आयोजन से प्रदेश में युवा खेलों के प्रति जागरूक होंगे, उनकी खेलों के प्रति रूचि बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अभी-अभी प्रदेश में राष्ट्रीय खेल सम्पन्न हुए हैं। इस प्रतियोगिता के माध्यम से खेल के लिए तैयार की गई आधारभूत संरचनाओं का अधिकतम उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने “चांसलर ट्रॉफी” में लोकप्रिय खेलों को शामिल किए जाने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर राज्यपाल ने राजभवन में “वातायनः राष्ट्रवादी सिख की जीवन यात्रा” नामक पुस्तक के द्वितीय खण्ड का भी विमोचन किया। यह पुस्तक राज्यपाल के जीवन यात्रा पर आधारित हैं व पूर्व में इस पुस्तक के प्रथम भाग का विमोचन किया गया था। इस अवसर पर राज्यपाल ने पुस्तक के लेखकों को बधाई देते हुए कहा कि साहित्य, सृजन एक साधना के समान होता है, जिसमें धैर्य और अनुशासन की आवश्यकता होती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पुस्तक पाठकों को भारतीय संस्कृति, सेना के मूल्यों और राष्ट्र सेवा की भावना को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करेगी।

इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, सचिव दीपक कुमार, सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, कुलपति गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय प्रो. मनमोहन सिंह चौहान, कुलपति संस्कृत विश्वविद्यालय प्रो. दिनेश चन्द्र शास्त्री, कुलपति सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट, कुलपति उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल, कुलपति श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय प्रो. एन.के. जोशी, कुलपति उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय व एचएनबी उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय प्रो. ओंकार सिंह, कुलपति वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार प्रो. परविंदर कौशल आदि मौजूद रहे।

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