सहकारी बैंक की हर शाखा को 5 हजार नए खाते और 30 करोड़ डिपॉजिट करने का टारगेट

उत्तराखंड(देहरादून),शुक्रवार 05 सितम्बर 2025

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी बैंक प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शाखा में न्यूनतम 5,000 नए खाते खोलना अनिवार्य है। इसके साथ ही प्रत्येक शाखा में कम से कम 30 करोड़ रुपये का डिपॉजिट सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी शाखा प्रबंधक निर्धारित लक्ष्यों को गंभीरता से लें और यदि कोई प्रबंधक इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में असफल रहता है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने 1 अक्टूबर से ऑनलाइन सदस्यता अभियान शुरू करने के भी निर्देश दिए।

आज देहरादून स्थित प्रादेशिक को-ऑपरेटिव यूनियन के यूसीएफ भवन में उत्तराखंड के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने लीड बैंक, उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक के अधिकारियों, प्रबंधकों, महाप्रबंधकों, जिला प्रबंधकों और प्रबंध निदेशक (एमडी) की बैठक में यह निर्देश जारी किए।

मंत्री ने घोषणा की कि 1 अक्टूबर से एक व्यापक ऑनलाइन सदस्यता अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके तहत एक लाख नए सदस्यों को जोड़ा जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य सहकारी बैंक की पहुंच को और व्यापक करना है। डॉ. रावत ने उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक को सामाजिक दायित्व निभाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बैंक को स्कूल निर्माण जैसे सामाजिक कार्यों में सक्रिय योगदान देना चाहिए।

उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में रुचि लेकर कार्य करने और समाज के उत्थान में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी शाखाओं को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सहकारी बैंक को अस्पतालों में एंबुलेंस के लिए भी काम करना चाहिए।

उत्तरकाशी और काशीपुर शाखाओं की सराहना

बैठक में उत्तरकाशी शाखा के प्रबंधक इंद्रजीत सिंह ने बताया कि उनकी शाखा ने गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) की शत-प्रतिशत वसूली की है और वर्तमान में शाखा 36 लाख रुपये से अधिक के लाभ में है। इसी तरह, काशीपुर शाखा के प्रबंधक मनोज बिष्ट ने बताया कि उनकी शाखा ने इस वर्ष लाभ अर्जित किया है और बेहतर प्रदर्शन किया है।

हानि में चल रही शाखाओं पर नाराजगी, सुधार के निर्देश

मंत्री ने हरिद्वार, गोपेश्वर, खटीमा, और बाजपुर की उन शाखाओं पर नाराजगी जताई, जो वर्तमान में हानि में चल रही हैं। उन्होंने इन शाखाओं को हर हाल में लाभ में लाने और इसके लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक श्रीनगर में होगी, जिसमें सभी शाखाओं को अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। कुल 15 ब्रांच हैं। चार के अलावा सभी ब्रांच प्रोफिट में हैं।

खर्च में कमी और एनपीए पर नियंत्रण के निर्देश

राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक प्रदीप मेहरोत्रा ने सभी शाखाओं को खर्चों में कमी लाने, सुरक्षित ऋण प्रदान करने, डिपॉजिट बढ़ाने, और एनपीए को कम करने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनपीए की वसूली और नियंत्रण पर विशेष कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाए।

नई शाखाओं के लिए बनेगी कमेटी

मंत्री डॉ. रावत ने उन शाखाओं, जो अनुपयुक्त स्थानों पर संचालित हो रही हैं, के स्थानांतरण के लिए एक कमेटी गठन करने का निर्देश दिया। यह कमेटी उपयुक्त स्थानों का चयन कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में जिला सहकारी बैंक टिहरी एवं हरिद्वार के पूर्व अध्यक्ष सुभाष रमोला एवं प्रदीप चौधरी, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, प्रबंध निदेशक राज्य सहकारी बैंक प्रदीप मेहरोत्रा, जीएम आकांक्षा कंडारी, सुरेश नपच्याल, डीजीएम नाबार्ड भूपेंद्र कुमावत आदि मौजूद रहे।

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