कॉर्पोरेट घराना राज्य के शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में दे रहे हैं योगदान : मुख्यमंत्री

उत्तराखंड(देहरादून),गुरुवार 25 सितंबर 2025

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को एक कार्यक्रम में कहा कि आज देश के कॉर्पोरेट घराना अपने “सोशल रिस्पांसिबिलिटी इनिशिएटिव“ के अंतर्गत उत्तराखंड में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड सी.एस.आर. डायलॉग कार्यक्रम में यह बातें कही। इस दौरान सीएम ने मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट के प्राथमिक विद्यालय में डिजिटल क्लासरूम का वर्चुअल शुभारंभ भी किया। कार्यक्रम में एक्सिस बैंक समूह के साथ राज्य के 24 विद्यालयों के डिजिटलाइजेशन के लिए और टोयटा के साथ पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामुदायिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में सी.एस.आर. संचालित करने के लिए एमओयू किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आई.आई.एफ.सी.एल, मैनकाइंड,अवाना फाउंडेशन, टोयटा,नेस्ले,टीएचडीसी,आईआरसीटीसी,एचडीएफसी,ब्रिटानिया जैसी अनेक संस्थाएं विभिन्न सामाजिक गतिविधियां संचालित कर रही हैं। सरकार की ओर से राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2023 में ’ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ का आयोजन किया गया था,जिसके अंतर्गत 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। अभी तक लगभग 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा औद्योगिक नीति,लॉजिस्टिक नीति,स्टार्टअप नीति और एमएसएमई नीति सहित 30 से अधिक नीतियां लागू कर राज्य में उद्योगों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। राज्य में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना के साथ ही स्टार्टअप्स को फंड उपलब्ध कराने के लिए 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना। क्वालिटी एजुकेशन के लिए सभी सरकारी विद्यालयों में एन.सी.ई.आर.टी.की पाठ्यपुस्तकें अनिवार्य की गई हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार 12 वीं के व्यावसायिक छात्रों के लिए रोजगार मेलों का आयोजन किया गया,जिसके माध्यम से 146 विद्यार्थियों का प्रतिष्ठित कंपनियों में चयन हुआ। उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां बुनियादी शिक्षा के लिए ‘राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा’ तैयार की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े 4 वर्षों में राज्य के 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त करने में सफलता मिली है। इस कानून के लागू होने के बाद से अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। सरकार राज्य में नकल माफियाओं को जड़ से समाप्त किए बिना चैन से नहीं बैठेगी।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, टोयटा के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी, सचिव उद्योग विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव मनमोहन मैनाली और विभिन्न कंपनियों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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