सड़क हादसों में घायलों को त्वरित इलाज के लिए 112 से जुड़ेंगी सभी आपात सेवाएं

उत्तराखंड(देहरादून),शुक्रवार 24 जुलाई 2026

सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर और प्रभावी ट्रॉमा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में समन्वित आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित की जाएगी। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को संबंधित विभागों के साथ बैठक कर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी आपातकालीन हेल्पलाइन सेवाओं को एकीकृत हेल्पलाइन नंबर 112 से तकनीकी और परिचालन स्तर पर जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एकीकरण के बाद 112 के माध्यम से पुलिस, फायर और मेडिकल जैसी आपात सेवाएं तत्काल उपलब्ध हो सकेंगी।

उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिसमें बिना मानवीय हस्तक्षेप के ऑटोमैटिक मैकेनिज्म के माध्यम से जरूरतमंद व्यक्ति को तत्काल सहायता मिल सके। साथ ही निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

मुख्य सचिव ने गुड सेमेरिटन शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के लिए राज्य स्तर पर डीजी हेल्थ और जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन अधिकारियों की मासिक बैठक आयोजित कर कार्यवृत्त पोर्टल पर अपलोड करने को भी कहा।

उन्होंने सभी सरकारी और निजी एम्बुलेंसों में एआईएस-125 मानकों का पालन तथा जीपीएस,वीएलटीडी उपकरणों की स्थापना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसकी निगरानी के लिए हेल्पलाइन 112 से रियल टाइम इंटीग्रेशन करने को कहा गया।

बैठक में मुख्य सचिव ने ट्रॉमा रजिस्ट्री के लिए परिवहन विभाग को नोडल विभाग बनाया। उन्होंने राज्य स्तरीय ट्रॉमा रजिस्ट्री स्थापित कर सभी चिकित्सा संस्थानों को इससे जोड़ने तथा इसे राष्ट्रीय ट्रॉमा रजिस्ट्री से लिंक करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम राहत योजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक में सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय, अपर सचिव विनीत कुमार, रोहित मीणा, तृप्ति भट्ट, संयुक्त परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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