उत्तराखंड(देहरादून),शुक्रवार 07 अगस्त 2026
उत्तराखंड सरकार ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आदि कैलाश यात्रा को प्रतिकूल मौसम एवं आकस्मिक परिस्थितियों को छोड़कर वर्षभर संचालित करने की दिशा में तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को समन्वित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप आदि कैलाश यात्रा को अधिक सुगम, व्यवस्थित और सर्वसुलभ बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के साथ-साथ आदि कैलाश यात्रा का भी प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि सीमांत जनपद पिथौरागढ़ धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में नई पहचान स्थापित कर सके। उन्होंने कहा कि वर्षभर आदि कैलाश यात्रा की व्यवस्था इस प्रकार विकसित की जाएगी कि कैलाश मानसरोवर यात्रा भी प्रभावित न हो।
उन्होंने सड़क, पेयजल, बिजली, संचार, स्वास्थ्य, सुरक्षा, पार्किंग, स्वच्छता, आवास, भोजन, आपदा प्रबंधन तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की विस्तृत योजना तैयार कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी विभागों से समन्वय के साथ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि वर्षभर यात्रा संचालन से सीमांत क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। होटल, होमस्टे, परिवहन, स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन के विस्तार के लिए लगातार पहल कर रही है और वर्षभर आदि कैलाश यात्रा का संचालन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आदि कैलाश दौरे के बाद इस क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पर्यटन विभाग के मुताबिक वर्ष 2023 में यहां 17,408 पर्यटक पहुंचे थे, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 1,25,277 हो गई। चालू वर्ष में अब तक 76,930 से अधिक पर्यटक आदि कैलाश पहुंच चुके हैं और वर्ष के अंत तक यह संख्या डेढ़ लाख से अधिक होने का अनुमान है।
पर्यटन विभाग के अनुसार, क्षेत्र में 550 से अधिक होमस्टे विकसित हो चुके हैं, जिससे स्थानीय लोगों को आजीविका के नए अवसर मिले हैं और पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।