कार्लटन लंदन ने ईजीबी ग्रुप के साथ भारत के फर्नीचर बाजार में रखा कदम, 600 फ्रेंचाइज़ शोरूम खोलने की योजना

उत्तराखंड(देहरादून),गुरुवार 07 मई 2026

भारत के तेजी से विकसित हो रहे होम इंटीरियर्स सेक्टर में एक वैश्विक ब्रांड की एंट्री हुई है। ईजीबी ग्रुप ने ब्रिटिश लाइफस्टाइल ब्रांड कार्लटन लंदन के साथ साझेदारी कर कार्लटन लक्ज़री फ़र्नीचर लॉन्च किया है। यह अपनी तरह की पहली पहल है, जो सस्टेनेबिलिटी, टिकाऊपन और जागरूक जीवनशैली पर केंद्रित है।

इस साझेदारी का अनावरण कार्लटन लंदन के फाउंडर कार्ल विर्क और ईजीबी ग्रुप के फाउंडर एवं चेयरमैन डॉ. इरफान खान की उपस्थिति में किया गया। यह साझेदारी ऐसे प्रीमियम फर्नीचर की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जो डिज़ाइन के साथ-साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी को भी महत्व देता है। लॉन्च के दौरान ओमकार नवगे, सीईओ, कार्लटन वेलनेस ग्रुप; गणेश कुमार, चीफ बिजनेस स्ट्रैटेजी ऑफिसर, ईजीबी ग्रुप; रंजीता एम., सीईओ, ब्रिलन स्पेस इंजीनियरिंग; और सत्य वर्मा, सीईओ, टार्जन भी उपस्थित रहे।

इस विज़न को समर्थन देने के लिए कंपनी ने फ्रेंचाइज़-आधारित विस्तार योजना तैयार की है, जिसके तहत अगले पांच वर्षों में देश के 300 प्रमुख शहरों में 600 शोरूम खोले जाएंगे। कंपनी पार्टनर-आधारित मॉडल के जरिए विस्तार करेगी, जिसमें फ्रेंचाइज़ साझेदारों से लगभग ₹1800 करोड़ से ₹2000 करोड़ तक के निवेश का अनुमान है। इस पहल से करीब 12,000 रोजगार अवसर उत्पन्न होने की संभावना है, साथ ही एमएसएमई और एसएमई पार्टनर्स को सप्लाई चेन का हिस्सा बनाया जाएगा।

इस लॉन्च का मुख्य आधार मजबूत सस्टेनेबिलिटी विज़न है। कार्लटन लक्ज़री फ़र्नीचर “ज़िम्मेदार लक्ज़री” की अवधारणा पर आधारित है, जहां उत्कृष्ट डिज़ाइन के साथ जागरूक और जिम्मेदार मैन्युफैक्चरिंग को प्राथमिकता दी जाती है। इसी प्रतिबद्धता के तहत ब्रांड बड़े स्तर पर हर वर्ष लगभग 16,000 किलोग्राम कार्बन फुटप्रिंट कम करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। यह प्रभाव टिकाऊ मटेरियल सोर्सिंग, अनुकूलित उत्पादन प्रक्रियाओं, प्रभावी लॉजिस्टिक्स प्लानिंग और लंबे समय तक चलने वाले प्रोडक्ट डिज़ाइन के माध्यम से हासिल किया जाएगा।

लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए ईजीबी ग्रुप के फाउंडर एवं सीईओ डॉ. इरफान खान ने कहा, “कार्लटन लक्ज़री फ़र्नीचर भारत में फर्नीचर को देखने और उसमें निवेश करने के तरीके को बदलने का प्रतिनिधित्व करता है। लंबे समय से यह उद्योग अल्पकालिक उपभोग पर केंद्रित रहा है, जहां टिकाऊपन और पर्यावरणीय प्रभाव पर सीमित ध्यान दिया गया। हम ऐसा मॉडल लेकर आ रहे हैं, जो डिज़ाइन और सस्टेनेबिलिटी का संगम है, जहां फर्नीचर 10 से 15 वर्षों तक चलने के लिए बनाया जाता है और बायबैक एवं रिफर्बिशमेंट जैसे समाधानों के माध्यम से लगातार मूल्य प्रदान करता है। हमारा विज़न जागरूक जीवनशैली को आकांक्षी और बड़े स्तर पर सुलभ बनाना है। इसी दिशा में हम भारतभर में इस मॉडल का विस्तार करते हुए हर वर्ष लगभग 16,000 किलोग्राम कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।

कार्लटन लंदन के फाउंडर कार्ल विर्क ने कहा, “हम हमेशा से कालातीत लालित्य, बेहतर शिल्प कौशल और बेजोड़ गुणवत्ता के लिए जाने जाते रहे हैं। ईजीबी ग्रुप के साथ इस साझेदारी के माध्यम से हम भारतीय बाजार में वही विरासत लेकर आ रहे हैं। इस ब्रांड की सबसे खास बात इसका ‘मेड इन इंडिया ’ मैन्युफैक्चरिंग पर मजबूत फोकस है। हर प्रोडक्ट को गुणवत्ता, टिकाऊपन और परिष्कृत सौंदर्यशास्त्र को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि लक्ज़री का अनुभव जिम्मेदारी के साथ किया जा सके।

इस कलेक्शन में क्लासिक चेस्टफ़ील्ड सोफा, हाई-बैक चेयर्स, मॉडर्न डाइनिंग सेट्स और कस्टम स्टोरेज समाधान शामिल हैं, जिन्हें पारंपरिक और आधुनिक दोनों प्रकार के इंटीरियर्स के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्रत्येक प्रोडक्ट को 10 से 15 वर्षों तक उपयोग में रहने योग्य बनाया गया है और इसके साथ मेंटेनेंस सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी। उपयोग किए गए सभी मटेरियल प्रीमियम और क्रूरता से मुक्त हैं, जिनमें उच्च गुणवत्ता वाला कृत्रिम चमड़ा शामिल है, जो पर्यावरण-अनुकूल मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस के अनुरूप है।

कार्लटन लक्ज़री फ़र्नीचर भारत में अपनी तरह का पहला बायबैक कार्यक्रम भी पेश कर रहा है, जिसके तहत ग्राहक इस्तेमाल किया हुआ फर्नीचर वापस कर सकते हैं और बदले में उन्हें मुआवजा मिलेगा। इन उत्पादों को रिफर्बिश कर “पहले से पसंद किया गया फर्नीचर” के रूप में दोबारा बाजार में लाया जाएगा। यह पहल सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के साथ-साथ फर्नीचर वेस्ट को कम करने में मदद करेगी, जो कुल प्रदूषण में लगभग 13.4 प्रतिशत योगदान देता है।

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