देवभूमि का गौरव पुनर्स्थापित करने का संकल्प साकार की ओर : मुख्यमंत्री धामी

उत्तराखंड(देहरादून),सोमवार 23 मार्च 2026

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप देवभूमि के गौरव को पुनर्स्थापित करने का संकल्प अब तेजी से सिद्धि की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार रोजगार सृजन, पारदर्शिता और सख्त कानून व्यवस्था को प्राथमिकता दे रही है। राज्य की आर्थिकी में वृद्धि के साथ स्टार्टअप की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

सोमवार को उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर परेड ग्राउंड पर आयोजित ‘चार साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया और विभागीय प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चार वर्ष पूर्व जनता ने सभी राजनीतिक मिथकों को तोड़ते हुए उन्हें पुनः सेवा का अवसर दिया था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री मोदी की ओर केदारनाथ धाम से दिए गए ’21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा’ के संदेश को राज्य सरकार संकल्प के रूप में लेकर कार्य कर रही है। बीते चार वर्षों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत कर नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार जी-20 बैठकों, राष्ट्रीय खेलों और ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट जैसे बड़े आयोजनों का सफल आयोजन हुआ। निवेश सम्मेलन में 3.76 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतारा जा चुका है। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य की आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि पिछले एक वर्ष में जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं और स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर लगभग 1750 हो गई है। उन्होंने बताया कि 2.65 लाख से अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया गया है तथा रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इसके अलावा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में ‘अचीवर्स’ व स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी में स्थान मिला है। खनन तत्परता सूचकांक में राज्य को देश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नई कार्य संस्कृति विकसित की गई है, जिसके तहत योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। देहरादून में 1400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं और 100 से अधिक नकल माफिया जेल भेजे गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानून लागू कर सामाजिक संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया है। 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है तथा ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

उन्होंने समान नागरिक संहिता लागू करने का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे सभी नागरिकों के लिए समान कानून सुनिश्चित हुआ है। साथ ही, जुलाई से सभी मदरसों में सरकारी मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने कनक चौक से कार्यक्रम स्थल तक रोड शो में प्रतिभाग किया। साथ ही विभिन्न विभागों की ओर सेलगाई गई प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया। समारोह में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, खजान दास, राम सिंह कैडा, राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, मेयर सौरथ थपलियाल, विधायक सहदेव पुंडीर, उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, सविता कपूर, मुन्ना सिंह चौहान, बृजभूषण गैरोला, मुख्य सचिव आनंद वदर्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव डॉ आरके सुधांशु, एल. फैनई,डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव एसएन पांडेय और आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल उपस्थित रहे।

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