गंगा तट पर साधकों का योग वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है : राज्यपाल

उत्तराखंड(देहरादून/ऋषिकेश),रविवार 16 मार्च 2025

उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि) ने शनिवार को एक कार्यक्रम में कहा कि ऋषिकेश के पवित्र गंगा तट पर योग साधकों का यह अद्भुत समागम न केवल भारत और उत्तराखंड की प्राचीन परंपरा का प्रमाण है, बल्कि योग के वैश्विक प्रभाव को भी दर्शाता है।

राज्यपाल ने शनिवार को परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में आयोजित ‘अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव-2025’ के समापन समारोह में यह बातें कही। इस दौरान राज्यपाल ने मां गंगा आरती व पूजा अर्चना की और पतित पावनी मां गंगा से प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि के लिए कामना की।परमार्थ निकेतन में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस योग महोत्सव में 75 देशों के 1500 से अधिक योग साधकों ने भाग लिया।

राज्यपाल ने उपस्थित साधकों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी योग के ब्रांड एम्बेसडर हैं, योग का ज्ञान प्राप्त कर, उसे अपने जीवन में अपनाकर और विश्वभर में इसका प्रसार कर रहे हैं।

राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में योग के वैश्विक विस्तार की सराहना की और कहा कि संयुक्त राष्ट्र की ओर से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया जाना योग की महत्ता को प्रमाणित करता है।

राज्यपाल ने महोत्सव में भाग लेने वाले सभी योग साधकों, गुरुओं और आयोजकों को बधाई दी और कहा कि उत्तराखंड की पवित्र भूमि, जिसे ‘देवभूमि’ कहा जाता है, योग और अध्यात्म के लिए एक दिव्य केंद्र है। इस अवसर पर उन्होंने सभी से योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने और इसके माध्यम से संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए कार्य करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर ने अपनी संगीतमय प्रस्तुति दी, जिसमें उनके शिव भक्ति गीतों ने उपस्थित साधकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि, साध्वी भगवती सरस्वती, हंस फाउंडेशन की प्रमुख माता मंगला, भोले जी महाराज, सहित विभिन्न देशों के योग साधकों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

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