मसूरी में संचालित रोप वे इमरजेंसी के लिए ज्वाइंट मॉक ड्रिल एक्सरसाइज का आयोजन किया

उत्तराखंड(देहरादून),शनिवार 25 मई 2024

मसूरी में संचालित रोप वे इमरजेंसी के लिए ज्वाइंट मॉक ड्रिल एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भारत सरकार की ओर से देश भर में रोप वे प्रोजेक्ट के लिए द्वितीय अर्धवार्षिक संयुक्त रोप वे मॉक ड्रिल का आयोजन किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके क्रम में शनिवार को मसूरी गन हिल रोप वे पर मॉक ड्रिल एक्सरसाइज आयोजित की गई।

शनिवार को शासन के निर्देश में एसडीएम मसूरी डॉ.दीपक सैनी के दिशा निर्देश और एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट अजय पंत के नेतृत्व में मसूरी गन हिल रोप वे में रेस्क्यू अभियान का ट्रायल किया गया। करीब सुबह 7 बजे से शुरू हुआ ट्रायल घंटा 45 मिनट तक चला। इस दौरान रोपवे में फंसे लोगों को रस्सी के सहारे पहाड़ी पर उतारा गया। टीम के जवानों ने रोप रेस्क्यू की विभिन्न तकनीकों का प्रयोग करते हुए रोप वे पर बीच में अटकी ट्रॉली तक अपनी पहुंच बनाई। इसके बाद ट्रॉली में सवार 04 लोगों को एक-एक रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

पहाड़ी से रोप वे में गंभीर हालत में व्यक्ति को स्ट्रेचर से मुख्य सड़क पर लाया गया। जहां से एंबुलेंस के माध्यम से मसूरी के उप जिला चिकित्सालय ले जाया गया। पूर्व में तैनात चिकित्सों ने व्यक्ति का उपचार किया।

मसूरी गन हिल से उप जिला चिकित्सालय ले जाना में एंबुलेंस को 7 से 10 मिनट का समय लगता था। परन्तु घंटाघर के पास लगे जाम के कारण एंबुलेंस करीब 10 मिनट तक फंसी रही। इस कारण गंभीर हालत में व्यक्ति को अस्पताल ले जाने में 20 मिनट से ज्यादा का समय लग गया।

एसडीएम मसूरी डॉ.दीपक सैनी ने कहा कि मॉक ड्रिल के तहत पर्यटकों में भरोसा जताने और तैयारियों को परखने के लिए स्थानीय प्रशासन की ओर से आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस,स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से संयुक्त रूप से मॉक ड्रिल किया गया।

एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट अजय पंत ने कहा कि सभी टीमों के संयुक्त प्रयास से मसूरी गन हिल रोपवे में चले मॉक ड्रील ऑपरेशन सफल रहा। करीब दो घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन में रोपवे में फंसे चार र्प्यटको का सकुशल निकाला गया और एक पर्यटक की हालत गंभीर होने के कारण उसे अस्पताल पहुंचाया गया। विगत वर्ष झारखण्ड राज्य के देवघर में त्रिकूट पहाड़ रोपवे हादसा अत्यंत दुखद था। उक्त दुर्घटना के उपरान्त अपने प्रदेश में इस प्रकार की घटनाओं के न्यूनीकरण के लिए समय समय पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाती रही है।

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